जिंदगी में बिखर कर संवर जाओगे
आंख से जो गिरे तो किधर जाओगे।
पानियों की कोई शक्ल होती नहीं
जिस भी बरतन में ढालेगा ढल जाओगे।
तुम तो सिक्के हो बस उसकी टकसाल के,
वो उछालेगा और तुम उछल जाओगे।
लाख बादल सही आसमानों के तुम,
जिंदगी की जमीं पे बिखर जाओगे।
मैं तो गम में भी हंसकर निकल जाउंगा
तुम तो हंसने की कोशिश में मर जाओगे।
मशवरा है कि डर छोड़ करके जियो
हर कदम मौत है तुम जो डर जाओगे।
एक कोशिश करो उसके होकर जियो
उसके होकर जियोगे संवर जाओगे।
Well said.......if any visitor to my blgo doesn't know HINDI, you can freely ask for a translated version.....:)